- Bollywood’s Favourite Jodi - Saifu and Bebo lagayenge Hasi Ke Tyo-Ha-Ha-Har mein chaar chaand only on The great Indian Kapil Show
- Disha Patani leaves fans curious as she drops a series of cryptic stories: There are humans amongst us
- It’s October Season! 7 Bollywood Actors Who Are Your Libra–Scorpio Twins — Rekha, Aditi Rao Hydari to Kunal Kapoor
- मिराया होटल एंड रिज़ॉर्ट्स ने धनंजय श्रीवास्तव को क्लस्टर जनरल मैनेजर नियुक्त किया
- भारत की नंबर 1 EV अब INDULGE के लिए तैयार है!
कुशीनगर (उ.प्र.) की रहने वाली आकाश इंस्टीट्यूट की छात्रा आकांक्षा सिंह, ने NEET 2020 की परीक्षा में राष्ट्रीय स्तर पर आल इंडिया रैंकिंग (AIR) 2 हासिल किया
NEET के इतिहास में अब तक सबसे अधिक अंक प्राप्त किये, नेशनल लेवल पर टॉप स्कोर हासिल किया
अक्तूबर. इंडियन एयर फॉर्स (आईएएफ) के एक पूर्व सार्जेंट की बेटी आकांक्षा सिह ने, आकाश संस्थान की गोरखपुर शाखा से, प्रसिद्ध एग्जाम NEET 2020 की परीक्षा में आल इंडिया रैंक (AIR) में दूसरा स्थान हासिल करके अपने जिला और संस्थान को गौरवान्वित किया है।
उसने 720 में 720 अंक प्राप्त किये जो की नेशनल मेडिकल एंट्रेंस एग्जामिनेशन इन इंडिया (भारत में राष्ट्रीय मेडिकल प्रवेश परीक्षा) के इतिहास में पहली बार है और उन्होंने उत्तर प्रदेश में टॉप किया है और ग्रामीण पूर्वांचल की वो पहली लड़की बन गई है जिसने देश में प्रसिद्ध मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश के लिए इस प्रसिद्ध परीक्षा में इतना अच्छा परिणाम प्राप्त किया है। इस परीक्षा का परिणाम आज नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) द्वारा घोषित किए गया है|
पूर्वी उत्तर प्रदेश के जिला कुशीनगर के गाँव अभिनायकपुर से आकांक्षा सिंह ने इस परिणाम को सभी बाधाओं के खिलाफ लड़ते हुए हासिल किया है। अपने जिले में मुश्किल से ही उपलब्ध बिना किसी उचित कोचिंग के साथ, डॉक्टर बनने के अपने सपने को पूरा करने के लिए इस मेडिकल प्रवेश परीक्षा की तैयारी में भाग लेने के लिए उन्होंने अपने गाँव से गोरखपुर के आकाश इंस्टीट्यूट सेंटर तक रोजाना 70 किलोमीटर की यात्रा की। रोजाना आने-जाने के दौरान उनकी माँ उन्हें कुशीनगर के बस स्टॉप तक लेकर जाती थी और गोरखपुर से वापस आते समय आकाश इंस्टीट्यूट के अधिकारी उसे हर बार शहर में बस स्टैंड तक छोड़कर आते।
उनके पिता, राजेंद्र कुमार राव ने भारतीय वायुसेना से वीआरएस लिया है और उनकी मां रूचि सिंह गांव में ही एक प्राथमिक स्कूल शिक्षक हैं। IAF se 18,000 रुपये की मासिक pension के साथ, श्री राव पिछले दो वर्षों से पूरा समय अपनी बेटी और अपने परिवार के साथ रहे| नीट को क्रैक करने में अपनी बेटी के डॉक्टर बनने के सपने को पूरा करने के लिए उन्होंने IAF को छोड़ दिया था।
आकांक्षा को बधाई देते हुए आकाश एजुकेशनल सर्विसेज लिमिटेड (AESL) के निदेशक और सीईओ श्री आकाश चौधरी ने कहा, “यह हमारे लिए बहुत गर्व की बात है कि हमारी छात्रा आकांक्षा सिंह ने उच्च प्रतिस्पर्धी नीट 2020 प्रवेश परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। इसका श्रेय हमारी छात्रा की मेहनत, उनके माता-पिता और शिक्षकों के सहयोग को जाता है जिन्होंने इनका पहले नौवीं और दसवीं कक्षा में गोरखपुर में और फिर ग्यारहवीं और बारहवीं कक्षा में दिल्ली में मार्गदर्शन किया।
उसने नीट परीक्षा से पहले अंतिम दिनों में असाधारण धैर्य दिखाया, कोविड –19 के फैले होने के बावजूद पूरी एकाग्रता और ध्यान के साथ ऑनलाइन अध्ययन किया। नौवीं कक्षा के बाद से डॉक्टर बनने के उनके जुनून के लिए उनका समर्पण और लक्ष्य को प्राप्त करने के उनके लगातार प्रयास अब उन लाखों छात्रों के लिए प्रेरणादायक हैं जो देश के गांवों और दूरदराज के इलाकों में रहते हैं। हमारी क्वालिटी टेस्ट प्रिपरेशन छात्रों के लिए मेडिकल और इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा को उत्तीर्ण करने के लिए प्रसिद्ध है। मैं आकांक्षा को उनके भविष्य के प्रयासों के लिए शुभकामनाएं देता हूं।”
आकांक्षा के द्वारा दिन-रात की जाने वाली मेहनत और नीट परीक्षा के लिए आकाश इंस्ट्रक्टर द्वारा प्रदान की गयी बेहतरीन कोचिंग को इस उत्कृष्ट प्रदर्शन का श्रेय जाता है| नीट परीक्षा एमबीबीएस और बीडीएस और कुछ अन्य पाठ्यक्रमों में सभी मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश के लिए लागू है|
इस वर्ष 15.97 लाख छात्रों ने परीक्षा के लिए पंजीकरण किया था इसे देखते हुए यह एक प्रभावशाली प्रभावशाली उपलब्धि है|


